Thug story | एक ठगी की कहानी

दोस्तों आज कल हमारे आस पास अनेक घटनाएं रोज होती रहती है  हम सोशल मीडिया और  टीवी पर ऐसी घटनाओं के बारे में देखते और सुनते रहतें  हैं की फला जगह चोरी हो गयी , उनकी बाइक , उनकी कार , उनका पर्स इत्यादि चोरी हो गया , दरसल चोरी के साथ साथ आज लोग ठगी का भी शिकार हो रहे हैं और आप को लगता है की चीजें चोरी हो रही हैं और चोर सक्रिय हो गए हैं।

किन्तु ये काम सिर्फ चोर ही नहीं नहीं कर रहे आज कल चोरों के ग्रुप के साथ -साथ ठगों का भी ग्रुप सक्रिय है।

   चोरी और ठगी में क्या फर्क है ये पहले जान लेना आवश्यक है।

  चोरी में चोर आप की वस्तुओ को ताड लेता है , चोर का ध्यान आप पर और आप की वस्तुओं पर रहता है आप का ध्यान आप की वास्तु से हटते  ही , चोर आप का सामान लेके चम्पत हो जाता है और आप को इसकी तुरंत भनक भी नहीं लगाती ,

   ठगी के केस में एक ठगी ग्रुप काम करता ही जो की पहले आप की वस्तुओं को ताडतें है और फिर आप का ध्यान भटका के आपका सामान गायब कर देतें हैं /

    तो सब मिला के आपको बचना दोनों से ही है। पर कैसे ?

 सबसे पहले तो ये जानलीजिये की कोई भी व्यक्ति आप को  कुछ करने को कहता है तो अपने बुद्धि विवेक का प्रयोग करिये क्यूंकि आज के युग में कोई भी अनजान व्यक्ति आपके फायदे की बात तो करेगा  नही, तो बहुत ही सोच समझ के आप को प्रतिक्रिया देनी है।

    ठगी से ही सम्बंधित एक घटना पे आपको ले चलते है जो की मेरे ही शहर में मेरे एक खाश मित्र के साथ घटित हुई।

    ये एक सच्ची घटना है जो की मेरे एक व्यापारी मित्र के साथ घटित हुई।

    जाड़े का समय ,शाम के 7:30 TO 8:00 का समय , मेरा मित्र अपनी कार से अपने एक व्यापारी की शॉप पे गया जब वो अपनी गाड़ी से निकला तो वो अपना एक हैंड बैग लेके निकला जिसमे अमूमन अपने व्यापार  से सम्बंधित दस्तावेज रखता है ।  अब यही से ये ठगों के टारगेट बन जाते है , मतलब ये है की वही आस पास ही मौजूद ठगों ने इनको अपना टारगेट तय कर  लिया और इनके शॉप से बहार निकलने का इंतजार करने लगे , लगभग १ घंटे बाद जब ये बहार निकले तो इनकी कार के आगे एक वैन खड़ी थी जो की इनकी कार से बम्पर से बम्पर सटी हुई थी। इन्होने बैग को कार के पिछले सीट पे रखा और गाड़ी में बैठ गए , चूंकि इनकी गाड़ी के आगे एक दूसरी गाड़ी कड़ी थी तो इनको गाड़ी निकलने के लिए गाड़ी को बैक करना पड़ा और इन्होने गाड़ी बैक करने के लिए जैसे ही अपनी गर्दन पीछे देखने के लिए घुमाई एक बन्दे ने( जो की उन्ही ठगों में से एक था ) इनकी गाड़ी के फ्रंट पे बोनट के निचे जला हुआ मोबिल आयल फेंक दिया जिसका इनको कोई आभास भी नहीं हुआ , जब ये गाड़ी निकाल के लगभग 100 MITER ही आगे गए होंगे एक बन्दे ने इनको हाथ दिखते हुए गाड़ी के बोनट (फ्रंट) की तरफ इशारा करते हुए चिल्लाया की ये कुछ गड़बड़  हो गया है, ये देख कर इन्होने  ने तुरंत ही गाड़ी साइड में लगा के रोक दी और गाड़ी से निकल के गाड़ी के सामने आ के देखा की जला हुआ मोबिल पड़ा हुआ है तो इन्होने बोनट खोल दिया और देखने लगे की कहाँ से ये मोबिल आयल निकल रहा है इसी बीच ठगों ने अपना काम कर लिया था और इनको पता भी नहीं चला की इनका बैग गायब हो चूका है , जब काफी देर तक इनको समझ नहीं आया की आयल कहा से बह रहा है तो इन्हों ने गाड़ी के बोनट को बंद किया और गाड़ी में बैठ गए और जब इनका ध्यान बैग पे गया तो इनको कन्फर्म हो गया की ये ठगी के शिकार हो चुके हैं।

तो अब तक आप समझ गए होंगे की इनके साथ एक तगड़ी वाली ठगी  कितने आसानी से हो गई, अब अमूमन इस setuation में आप भी ऐसा ही करते जैसे मेरे मित्र ने किया।

    अब यदि आप के पास इससे बचने का कोई आईडिया है तो कमेंट सेक्शन में जाके जरूर बताइयेगा की इस setuation में आप का क्या रिएक्शन होता  — या आप क्या करते।।।

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