लोगों की भीड़ के बीच बुरे फंसे थे धर्मेंद्र, फिर ऐसे एक्टर ने किया गांव वालों का गुस्सा ठंडा

Dharmendra: 70 और 80 के दशक में धर्मेंद्र (Dharmendra) ने अपनी दमदार एक्टिंग और लुक्स के चलते फिल्म इंडस्ट्री और लोगों के दिलों पर खूब राज किया. उन्होंने शोले, ‘चुपके-चुपके’, ‘सीता और गीता’, ‘धरम वीर’ और ‘मेरा गांव मेरा देश’ जैसी कई हिट फिल्मों में काम किया है. वहीं, एक बार आउटडोर शूटिंग के वक्त धर्मेंद्र (Dharmendra) बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बचे थे. उस वक्त लगभग 200 गुस्साए गांव वालों ने धर्मेंद्र (Dharmendra) को घेर लिया था. हालांकि, एक्टर ने बड़ी समझदारी से पूरा मामला संभाला था.

दरअसल, साल 1985 में धर्मेंद्र फिल्म ‘करिश्मा कुदरत का’ की शूटिंग कर रहे थे, जिसमें मिथुन चक्रवर्ती, शक्ति कपूर, जूनियर महूमूद और रति अग्निहोत्री भी अहम भूमिका में थे. इस फिल्म की शूटिंग किसी गांव में हो रही थी. इस किस्से का ज़िक्र करते हुए जूनियर महूमूद ने एक इंटरव्यू में कहा था कि, ‘फिल्म यूनिट के सारे लोग होटल में थे, तभी गांव वालों ने होटल को घेर लिया था. तब लगभग 200 लोग गुस्से में हाथ में हथियार लेकर होटल में रुके हुए सभी टूरिस्ट को मारने के लिए पहुंचे थे’.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस गांव की किसी लड़की के साथ होटल में रुके हुए किसी टूरिस्ट ने छेड़-छाड़ कर दी थी जिससे नाराज़ होकर गांव वाले सभी टूरिस्ट को मारने के लिए पहुंच गए थे. जब इस बारे में धर्मेंद्र को पता लगा तो वो गांव वालों के बीच जाकर उन्हें समझाने लगे. जूनियर महूमूद ने बताया कि इतनी भीड़ देखकर सब डर गए थे मगर धर्मेंद्र वहां अकेले गए और लोगों से कहा कि उनकी फिल्म की यूनिट से अगर कुछ ऐसा किया है तो वो भी गांव वालों का ही साथ देंगे. धर्मेंद्र ने अपनी बातों से गांव वालों को शांत कर दिया था. जूनियर महूमूद ने बताया कि, धर्मेंद्र को गांव वाले पहचानते भी नहीं थे, तो ऐसे में ये नहीं कहा जा सकता था कि लोग स्टार को देखकर शांत हो गए थे.

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