भारी बमबारी के बाद रूस का जैपोरिजिया न्यूक्लियर प्लांट पर कब्जा, रेडिएशन का खतरा बढ़ा

 

Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच आज वॉर का नौवां दिन है. जैसे जैसे दिन बढ़ रहे हैं, वैसे वैसे यूक्रेन की स्थिति भी अब भयंकर हो चली है. रूसी सेना से  यूक्रेन के एनेर्होदर शहर में हमले तेज कर दिए हैं और इसी के साथ रूसी सेना ने यूरोप के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा प्लांट को भी कब्जे में ले लिया और वहां बमबारी की, जिसके बाद प्लांट के हिस्से में भीषण आग लग गई. बड़ी बात यह है कि इस प्लांट में आग लगने के बाद वहां से विकिरण यानी रेडिएशन फैलने का खतरा पैदा हो गया है.

गोली चलने की वजह से आग बुझाने में हो रही दिक्कत

प्लांट के प्रवक्ता एन्ड्री तुज ने कि गोले सीधे प्लांट पर गिर रहे हैं और इससे छह रिएक्टर में से एक में आग लग गयी है. हालांकि इस रिएक्टर में मरम्मत का काम चल रहा था और यह बंद था,लेकिन इसके अंदर परमाणु ईंधन मौजूद है. वहीं, यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने ट्वीट किया कि फायर ब्रिगेड के लोग वहां नहीं पहुंच पा रहे हैं, क्योंकि उन्हें गोली मारी जा रही है. विदेश मंत्री ने रूस से हमले रोकने और अग्निशमन दल को अंदर जाने देने की अपील की है. तुज ने एक वीडियो संदेश में कहा,‘‘ हम मांग करते हैं कि वे भारी हथियारों से की जा रही गोलाबारी बंद करें. यूरोप के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा प्लांट में परमाणु खतरे की गंभीर चुनौती है.’’

अमेरिकी परमाणु सोसाइटी ने की हमले की निंदा

अमेरिकी परमाणु सोसाइटी ने हमले की निंदा की है, लेकिन कहा कि वर्तमान विकिरण का स्तर सामान्य है. अमेरिकी परमाणु सोसाइटी ने अध्यक्ष स्टीवन नेस्बिट और कार्यकारी निदेशक तथा सीईओ सी पर्सी की ओर से जारी बयान में कहा,‘‘ यूक्रेनी जनता के जीवन में असली खतरा, हिंसक आक्रमण और देश पर हो रही बमबारी से है.’’

इसबीच राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में हथियार नियंत्रण और अप्रसार के पूर्व वरिष्ठ निदेशक और तत्कालीन उपराष्ट्रपति जो बाइडन के पूर्व विशेष सलाहकार रहे जॉन बी वोल्फस्टल ने कहा कि प्लांट का रिएक्टर चर्नोबिल के रिएक्टर से अलग है और अगर उसे ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है तो खतरा कम है. उन्होंने कहा,‘‘ सभी को संयम बरतने और तत्काल निष्कर्ष नहीं निकालने की जरूरत है.’’

आईएईए ने ने दी ‘गंभीर खतरे’ की चेतावनी

इस बीच अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) का कहना है कि परमाणु ऊर्जा प्लांट में विकिरण के स्तर में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है. आईएईए ने टि्वटर पर कहा कि उसके महानिदेशक मारियानो ग्रॉसी जपोरिजिया परमाणु ऊर्जा प्लांट की मौजूदा स्थिति को लेकर यूक्रेन के प्रधानमंत्री डेनिस श्मीगल और यूक्रेनी परमाणु ऊर्जा नियामक और संचालक के लगातार संपर्क में बने हुए हैं. आईएईए के महानिदेशक ने दोनों पक्षों से गोलाबारी बंद करने की अपील करते हुए कहा कि यदि परमाणु ऊर्जा प्लांट को निशाना बनाया गया तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं.

पावर प्लांट में विस्फोट हुआ तो पूरा यूरोप खत्म हो जाएगा- जेलेंस्की

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि अगर न्यूक्लियर पावर प्लांट में विस्फोट हुआ तो पूरा यूरोप खत्म हो जाएगा. उन्होंने कहा कि न्यूक्लियर पावर स्टेशन पर तबाही से यूरोप का खात्मा न होने दें.

बता दें कि रूसी सेना यूक्रेनी शहर एनेर्होदर पर नियंत्रण के लिए बृहस्पतिवार से लड़ाई लड़ रही है, जहां यूरोप का सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा प्लांट है और उन्होंने देश को समुद्र मार्ग से काटने के लिए भी काफी मशक्कत की है. देश के नेताओं ने नागरिकों से आक्रमणकारियों के खिलाफ छापामार युद्ध करने का आह्वान किया है. एनेर्होदर में देश का एक-चौथाई बिजली उत्पादन होता है. वहां लड़ाई ऐसे वक्त हो रही है, जब रूस और यूक्रेन के बीच दूसरे दौर की बातचीत में नागरिकों को निकालने और मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए एक सुरक्षित गलियारा बनाने के संबंध में एक अस्थायी समझौता हुआ है.

पुतिन के यूक्रेन पर कब्जे करने की रणनीति दिलाती है चेचन युद्ध की याद

Leave a Reply

Your email address will not be published.