चालान से बचने के लिए ये है डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस रखने का सही तरीका

डिजिटल इंडिया पहल के तहत भारत सरकार ने डिजिलॉकर सुविधा शुरू की है. यह देश के नागरिकों को फिजिकल पेपर की परेशानी के बिना अपने जरूरी और ऑफिशियल डॉक्यूमेंट्स को डिजिटल रूप से सुरक्षित करने की सुविधा देता है. डिजिलॉकर हर जगह दस्तावेज ले जाने की जरूरत को खत्म करता है. सबसे आम दस्तावेजों में से एक उनके साथ उनका ड्राइविंग लाइसेंस है, हालांकि, कभी-कभी किसी कारण से ड्राइविंग लाइसेंस नहीं रखने पर आप पकड़े जाते हैं तो आपका चालान कट सकता है.

इसलिए हम आपको बताएंगे कि आप अपने ड्राइविंग लाइसेंस को डिजिलॉकर में कैसे स्टोर कर सकते हैं और चालान से बच सकते हैं.
    • डिजिलॉकर की आधिकारिक वेबसाइट www.digilocker.gov.in पर जाएं और अपने फोन नंबर का उपयोग करके साइन अप करें.
    • आपको एक ओटीपी (वन-टाइम पासवर्ड) मिलेगा, जिसे दर्ज करके आप अकाउंट के लिए एक यूजरनेम और पासवर्ड बना सकेंगे.
    • आप एक एमपिन भी सेट कर सकते हैं, जो भविष्य में या कुछ ऐसी स्थितियों में तेजी से लॉगिन सुनिश्चित करता है जहां आपको अपने डॉक्यूमेंट्स को बहुत जल्दी सोर्स करने की जरूरत होती है.
    • अब, अपना अकाउंट बनाने के बाद अपने आधार कार्ड को अपने डिजिलॉकर अकाउंट से लिंक करें.
    • यहां, आप ऐप पर ‘पुल पार्टनर्स डॉक्यूमेंट’ सेक्शन को एक्सेस कर पाएंगे. इस सेक्शन में आप अपना ड्राइविंग लाइसेंस नंबर भर सकते हैं और ऐप एप्लिकेशन को लाइसेंस देगा.
    • ‘पुल डॉक्यूमेंट्स’ का चयन करने के बाद आपको उस पार्टनर का चयन करना होगा जिसके माध्यम से आप डॉक्यूमेंट्स को सोर्स बनाना चाहते हैं, उदाहरण के लिए ड्राइविंग लाइसेंस के मामले में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय है.
    • दस्तावेज टाइप में ड्राइविंग लाइसेंस सर्च करें और उस पर टैप करें.
    • एक बार जब आप अपने नाम और एड्रेस समेत सभी जरूरी डिटेल्स भर देते हैं, तो ऐप सिलेक्टेड पार्टनर से डॉक्यूमेंट रिसीव करेगा और उसे ऐप में सेव करेगा. हर ऐप यूजर को अपने डॉक्यूमेंट्स को सेव करने के लिए 1GB का स्पेस मिलता है.
    • सभी सरकारी विभागों को अब डिजिलॉकर के लिए प्राप्त डॉक्यूमेंट्स का पालन करने और किसी भी सरकारी प्रक्रिया के लिए इसका उपयोग करने का निर्देश दिया गया है.

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